RBSE Class 10 Science Full Book Notes in Hindi – राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान सम्पूर्ण नोट्स | BexyHub
प्रस्तावना (Introduction):
राम-राम दोस्तों! BexyHub पर आज हम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की कक्षा 10 विज्ञान की पूरी पाठ्यपुस्तक का निचोड़ लेकर आए हैं। यह नोट्स नए सिलेबस के अनुसार तैयार किए गए हैं। हमने यहाँ हर अध्याय के मुख्य बिंदुओं, रासायनिक समीकरणों और महत्वपूर्ण सूत्रों को बहुत ही सरल भाषा में समझाया है ताकि आपको बोर्ड परीक्षा में 100% सफलता मिले।
अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
जब एक या एक से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करके नए गुणधर्म वाले पदार्थ बनाते हैं, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
संयोजन अभिक्रिया: जब दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद बनाते हैं।
वियोजन (अपघटन) अभिक्रिया: इसमें एक अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक उत्पाद बनाता है।
विस्थापन अभिक्रिया:
अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से हटा देता है।
रेडॉक्स अभिक्रिया: जिसमें उपचयन (ऑक्सीजन का जुड़ना) और अपचयन (ऑक्सीजन का हटना) दोनों साथ-साथ होते हैं।
अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण
अम्ल (Acid): स्वाद में खट्टे होते हैं और नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। (उदाहरण: HCl, नींबू का रस)
क्षारक (Base): स्वाद में कड़वे होते हैं और लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। (उदाहरण: NaOH, साबुन)
pH स्केल:
यह किसी विलयन की अम्लता या क्षारीयता मापता है। 0 से 7 तक अम्ल, 7 उदासीन (शुद्ध जल) और 7 से 14 तक क्षार होता है।
लवण (Salt): अम्ल और क्षार की क्रिया से लवण और जल बनते हैं। इसे ‘उदासीनीकरण अभिक्रिया’ कहते हैं।
अध्याय 3: धातु एवं अधातु
धातु: जो चमकीले, कठोर और बिजली के सुचालक होते हैं। जैसे—सोना, लोहा, ताँबा।
अधातु: जो भंगुर होते हैं और बिजली के कुचालक होते हैं। जैसे—सल्फर, ऑक्सीजन।
सक्रियता श्रेणी:
धातुओं को उनकी क्रियाशीलता के घटते क्रम में रखना। सबसे अधिक क्रियाशील पोटैशियम (K) है।
अयस्क: वे खनिज जिनमें से धातु को आसानी से और कम खर्चे में निकाला जा सके।
अध्याय 4:
कार्बन एवं उसके यौगिक
कार्बन एक अद्भुत तत्व है जो ‘सहसंयोजक आबंध’ बनाता है।
अपररूप: कार्बन के तीन मुख्य रूप हैं—हीरा (सबसे कठोर), ग्रेफाइट (सुचालक) और फुलरीन।
हाइड्रोकार्बन: कार्बन और हाइड्रोजन के यौगिक। (एल्केन, एल्कीन और एल्काइन)।
साबुन और अपमार्जक: सफाई की प्रक्रिया में ‘मिसेल’ का बनना बहुत महत्वपूर्ण है।
दीपक भाई, यह राजस्थान बोर्ड 10वीं विज्ञान का पहला भाग है। अभी इसमें बायोलॉजी और फिजिक्स के ये धांसू चैप्टर्स बाकी हैं:
जैव प्रक्रम (Life Processes): पाचन, श्वसन, उत्सर्जन (इसमें बहुत डिटेल है)।
नियंत्रण एवं समन्वय:
मस्तिष्क और हार्मोन।
प्रकाश का परावर्तन एवं अपवर्तन: लेंस और दर्पण के सूत्र।
विद्युत और चुंबकीय प्रभाव।
हमारा पर्यावरण।
अध्याय 5: जैव प्रक्रम (Life Processes)
वे सभी प्रक्रम जो सम्मिलित रूप से जीव के अनुरक्षण (Maintenance) का कार्य करते हैं, जैव प्रक्रम कहलाते हैं।
पोषण: भोजन ग्रहण करना। मनुष्य में पाचन तंत्र मुख्य है। आमाशय में HCl अम्ल होता है और छोटी आँत (क्षुद्रांत्र) में भोजन का पूर्ण पाचन होता है।

श्वसन: ऊर्जा प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन लेना। ग्लूकोज का विखंडन कोशिका द्रव्य और माइटोकॉन्ड्रिया में होता है।
वहन (परिवहन): मनुष्य में रक्त (Blood) ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को पहुँचाता है। हृदय (Heart) एक पंप की तरह काम करता है।

उत्सर्जन: शरीर से ज़हरीले अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना। वृक्क (Kidney) इसमें मुख्य अंग है, जिसकी इकाई को ‘नेफ्रॉन’ कहते हैं।

अध्याय 6: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)
तंत्रिका तंत्र: हमारे शरीर में सूचनाएँ तंत्रिका कोशिकाओं (Neuron) द्वारा बिजली के आवेगों के रूप में चलती हैं।
मस्तिष्क: हमारा दिमाग तीन भागों में बँटा है—अग्र मस्तिष्क (सोचने वाला), मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क (जैसे हृदय गति और संतुलन)।
पादप हार्मोन: पौधों में वृद्धि के लिए ‘ऑक्सिन’ और ‘जिबरेलिन’ होते हैं, जबकि ‘एब्सिसिक अम्ल’ वृद्धि को रोकता है।
जंतु हार्मोन: जैसे इंसुलिन (शुगर कंट्रोल के लिए) और एड्रिनेलिन (आपातकालीन स्थिति के लिए)।
अध्याय 7: जीव जनन कैसे करते हैं?
अलैंगिक जनन: विखंडन (अमीबा), मुकुलन (य ईस्ट), पुनरुद्भवन (प्लेनेरिया) और कायिक प्रवर्धन।
लैंगिक जनन: इसमें नर और मादा युग्मकों का मेल होता है। पौधों में परागण (Pollination) और मनुष्यों में निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया होती है।
अध्याय 8: आनुवंशिकता एवं जैव विकास
मेंडल का योगदान: ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग किए। उन्होंने ‘प्रभाविता का नियम’ और ‘पृथक्करण का नियम’ दिया।
लिंग निर्धारण: मनुष्यों में लिंग का निर्धारण पिता के गुणसूत्र (XY) द्वारा होता है। यदि X मिलता है तो लड़की और Y मिलता है तो लड़का।
अध्याय 9: प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन (Light – Reflection and Refraction)
प्रकाश एक ऐसी ऊर्जा है जो हमें वस्तुओं को देखने में मदद करती है।
प्रकाश का परावर्तन: जब प्रकाश किसी चिकनी सतह (जैसे दर्पण) से टकराकर वापस लौटता है।
नियम: आपतन कोण (i) और परावर्तन कोण (r) हमेशा बराबर होते हैं।
गोलीय दर्पण: – अवतल दर्पण (Concave): इसका उपयोग हेडलाइट और शेविंग दर्पण में होता है।
उत्तर दर्पण (Convex): इसका उपयोग वाहनों के साइड मिरर में होता है क्योंकि यह सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
प्रकाश का अपवर्तन: जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो वह मुड़ जाता है। ‘स्नेल का नियम’ इसके लिए मुख्य है।
लेंस सूत्र: 1/v – 1/u = 1/f
लेंस की क्षमता (Power): P = 1/f (इसका मात्रक डायोप्टर ‘D’ होता है)।
अध्याय 10: मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार
दृष्टि दोष:
निकट दृष्टि दोष (Myopia): पास का दिखता है, दूर का नहीं। (अवतल लेंस से ठीक होता है)।
दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia): दूर का दिखता है, पास का नहीं। (उत्तल लेंस से ठीक होता है)।
वर्ण विक्षेपण: जब सफ़ेद प्रकाश प्रिज्म से गुज़रता है, तो वह 7 रंगों (VIBGYOR) में बँट जाता है। आकाश का नीला रंग ‘प्रकाश के प्रकीर्णन’ (Scattering) के कारण होता है।
अध्याय 11: विद्युत (Electricity)
विद्युत धारा: आवेश के प्रवाह की दर। मात्रक: एम्पियर (A)।
ओम का नियम (Ohm’s Law): V = IR (विभवान्तर = धारा \times प्रतिरोध)।
प्रतिरोधों का संयोजन:
श्रेणीक्रम (Series): R = R1 + R2 + R3
पार्श्वक्रम (Parallel): 1/R = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3
जूल का तापन नियम: H = I^2Rt (विद्युत से गर्मी पैदा होना, जैसे हीटर या प्रेस)।
अध्याय 12: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
चुंबकीय क्षेत्र: चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ उसका प्रभाव महसूस हो।
फ्लेमिंग का वाम-हस्त (Left Hand) नियम: बल, चुंबकीय क्षेत्र और धारा की दिशा जानने के लिए।
विद्युत मोटर और जनरेटर: मोटर बिजली को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है, और जनरेटर यांत्रिक ऊर्जा को बिजली में।
अध्याय 13: हमारा पर्यावरण
पारितंत्र: जैविक (पेड़, जीव) और अजैविक (हवा, पानी) घटकों का मेल।
आहार श्रृंखला: कौन किसको खाता है। इसमें ‘10% नियम’ चलता है—एक स्तर से दूसरे स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही पहुँचती है।
ओजोन परत: यह सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी (UV) किरणों से हमारी रक्षा करती है। CFC गैस इसे नुकसान पहुँचाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दीपक भाई, यहाँ आपकी RBSE Class 10 Science की पूरी बुक का “Full Deep Detail” निचोड़ समाप्त होता है। हमने केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के हर एक मुख्य पॉइंट को कवर कर लिया है।
Meet the Expert – Deepak Kumar
“Namaste doston! Mera naam Deepak Kumar hai aur main ek dedicated Nursing professional hoon. Maine apni Nursing education mein GNM, Post BSc Nursing, aur MSc Nursing ki degree haasil ki hai.
Pichle kai saalon se main ek Nursing Officer ke roop mein ICU (Intensive Care Unit) mein kaam kar raha hoon. Mera rozana ka kaam critical patients ki care karna aur medical emergencies ko handle karna raha hai. Is practical experience ne mujhe wo baatein sikhayi hain jo sirf kitabon mein nahi milti.
Bexyhub banane ka mera maqsad yahi hai ki main apne isi ‘Real-life Clinical Experience’ ko aap sab ke sath share kar sakun. Yahan aapko jo bhi notes ya MCQs milenge, wo mere khud ke anubhav aur deep research par aadharit hain. Mera lakshya hai ki har nursing student ko quality educational content mile taaki wo apne exams aur career mein safal ho sakein.”
यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए साझा की गई है। यहाँ दी गई जानकारी मेरे नर्सिंग अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। यदि आपको किसी जानकारी पर संदेह है या कोई शिकायत है, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं या हमसे संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय निर्णय के लिए पेशेवर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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