शरीर के 15 “सीक्रेट” संकेत जो हर राजस्थानी छात्र को पता होने चाहिए
पसीने का गणित:
राजस्थान की गर्मी में पसीना आना आम है, लेकिन अगर पसीने में “अमोनिया” (यूरिन जैसी) गंध आए, तो समझो शरीर में प्रोटीन ज्यादा टूट रहा है या पानी की बहुत कमी है।
जीभ का रंग (Mirror of Health): अगर सुबह उठकर जीभ सफेद दिखती है, तो यह सिर्फ पेट की खराबी नहीं, बल्कि शरीर में ‘Candida’ (एक तरह का फंगस) का शुरुआती संकेत हो सकता है।
नाखूनों के सफेद दाग:
लोग कहते हैं “पैसा आएगा”, लेकिन मेडिकल भाषा में यह Zinc की कमी या कैल्शियम के अवशोषण (Absorption) की समस्या है।
पलकों का फड़कना:
पढ़ाई के तनाव में अगर पलक फड़कती है, तो यह मैग्नीशियम की कमी और आंखों की नसों (Optic Nerve) की थकान का इशारा है।
हड्डियों की ‘चटक’ आवाज: अगर उठते-बैठते घुटनों से आवाज आती है, तो इसे ‘Crepitus’ कहते हैं। यह वायु दोष (Gas) और जोड़ों के बीच के लुब्रिकेंट (Synovial Fluid) के कम होने का संकेत है।
रात का अंधापन (Night Blindness):
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में बाजरे के साथ हरी सब्जियां न खाने से विटामिन-A की कमी हो जाती है, जिसे ‘रतौंधी’ कहते हैं।
छाले और विटामिन B12: बार-बार मुंह में छाले होना यह बताता है कि आपकी आंतें (Intestines) खाना सही से नहीं पचा पा रही हैं।
खड़े होकर पानी पीना:
हमारे बुजुर्ग मना करते थे, और साइंस भी कहता है कि इससे किडनी पर सीधा प्रेशर पड़ता है और जोड़ों में दर्द (Arthritis) की समस्या बढ़ती है।
नींद में झटका लगना (Hypnic Jerk): अक्सर पढ़ते-पढ़ते जब झपकी आती है और शरीर झटके से जागता है, तो इसका मतलब है कि आपका दिमाग शरीर को “डेड” समझकर उसे ‘रिस्टार्ट’ करने की कोशिश कर रहा है।
खून की कमी (Anemia) की असली पहचान: सिर्फ चेहरा नहीं, अपनी हथेलियों और नाखूनों के गुलाबीपन को देखें। अगर वो सफेद हैं, तो हीमोग्लोबिन 10 से नीचे हो सकता है।
आँखों का मेगापिक्सेल:
अगर हमारी आँख एक डिजिटल कैमरा होती, तो वह 576 मेगापिक्सल की होती। यानी आपके सबसे महंगे फोन से भी 10 गुना ज्यादा साफ!
हड्डियों की मजबूती: हमारे शरीर की सबसे लंबी हड्डी ‘फीमर’ (जांघ की हड्डी) कंक्रीट से भी ज्यादा मजबूत होती है। यह आपके शरीर के वजन का 30 गुना भार सह सकती है।
खून का सफर: हमारे शरीर में खून एक दिन में लगभग 19,000 किलोमीटर की दूरी तय करता है। यह राजस्थान के एक कोने से दूसरे कोने तक कई चक्कर लगाने के बराबर है।
छींक की रफ़्तार:
जब हम छींकते हैं, तो हवा की रफ़्तार 160 किमी/घंटा तक हो सकती है। इसलिए छींकते समय मुँह पर रुमाल रखना ‘संस्कार’ भी है और ‘साइंस’ भी।
पेट का एसिड: हमारे पेट में जो हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) बनता है, वह इतना तेज होता है कि एक लोहे की ब्लेड को भी गला सकता है। (पर पेट को नहीं गलाता क्योंकि अंदर एक खास परत होती है!)
सोने का समय:
एक इंसान अपनी पूरी जिंदगी का लगभग 25 साल सिर्फ सोने में गुजार देता है।
स्वाद की ग्रंथियां: हमारी जीभ पर लगभग 10,000 टेस्ट बड्स होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ये कम होने लगते हैं, इसीलिए बुजुर्गों को खाने में स्वाद कम आता है।
फेफड़ों का फैलाव:
अगर हमारे फेफड़ों को बाहर निकालकर फैलाया जाए, तो वे एक टेनिस कोर्ट जितना बड़ा हिस्सा ढक लेंगे।
दिल की धड़कन: एक औसत इंसान का दिल एक साल में लगभग 3.5 करोड़ बार धड़कता है। यह कभी थकता नहीं!
दिमाग की बिजली:
जागते समय हमारा दिमाग इतनी बिजली पैदा करता है कि उससे एक छोटा LED बल्ब जलाया जा सकता है।
उंगलियों के निशान: जैसे आधार कार्ड के लिए फिंगरप्रिंट अलग होते हैं, वैसे ही हर इंसान के जीभ के निशान (Tongue Print) भी पूरी दुनिया में सबसे अलग होते हैं।
पानी का बैलेंस:
हमारे शरीर में सिर्फ 1% पानी की कमी होते ही हमें प्यास लगने लगती है। और 10% कमी जानलेवा हो सकती है।
मुस्कुराहट की मेहनत: गुस्सा करने के लिए चेहरे की 43 मांसपेशियों की जरूरत होती है, जबकि मुस्कुराने के लिए सिर्फ 17। तो कम मेहनत करो और मुस्कुराते रहो!
छोटा बच्चा vs बड़ा इंसान:
एक नवजात बच्चे में 300 हड्डियां होती हैं, लेकिन बड़े होते-होते वे आपस में जुड़कर सिर्फ 206 रह जाती हैं।
त्वचा का नवीनीकरण: हमारी स्किन हर 27 दिन में खुद को पूरी तरह बदल लेती है। यानी हर महीने आपको एक नई ‘त्वचा’ मिलती है।
Our Specialized Health Education Portal:
Visit Care.Bexyhub.in →