Class 8 Hindi Grammar Full Book Notes in Hindi – सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण | BexyHub

Class 8 Hindi Grammar Full Book Notes in Hindi – सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण | BexyHub

प्रस्तावना (Introduction):


नमस्ते दोस्तों! BexyHub पर आपका स्वागत है। आज के इस विशेष लेख में हम कक्षा 8 के लिए हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar) के सभी महत्वपूर्ण अध्यायों को विस्तार से कवर करेंगे। हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसे शुद्ध रूप में लिखने और बोलने के लिए व्याकरण का ज्ञान होना अनिवार्य है। यहाँ दिए गए नोट्स NCERT और बोर्ड परीक्षा के नवीनतम सिलेबस पर आधारित हैं।

भाषा, बोली, लिपि और व्याकरण


भाषा: वह साधन जिसके द्वारा हम अपने विचारों और भावों को दूसरों तक पहुँचाते हैं। इसके दो रूप हैं: मौखिक और लिखित।
बोली: भाषा का वह रूप जो किसी छोटे क्षेत्र में बोला जाता है।
लिपि: भाषा को लिखने के ढंग को लिपि कहते हैं। हिंदी की लिपि देवनागरी है।
व्याकरण: वह शास्त्र जो हमें भाषा को शुद्ध रूप में बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाता है।

वर्ण विचार (Phonology)


भाषा की सबसे छोटी इकाई को ‘वर्ण’ कहते हैं। वर्णों के समूह को वर्णमाला कहते हैं।
स्वर: जिनका उच्चारण बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता से होता है (अ, आ, इ, ई…)।
व्यंजन: जिनका उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है (क, ख, ग, घ…)।

शब्द विचार (Morphology)


वर्णों के सार्थक मेल को ‘शब्द’ कहते हैं।
उत्पत्ति के आधार पर शब्द: तत्सम (संस्कृत के शब्द), तद्भव (संस्कृत से बदले हुए), देशज (स्थानीय शब्द) और विदेशी शब्द।
बनावट के आधार पर: रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्द।

संज्ञा (Noun)


किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, जाति या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
व्यक्तिवाचक: जैसे—राम, दिल्ली, गंगा।
जातिवाचक: जैसे—लड़का, नदी, पर्वत।
भाववाचक: जिसे हम महसूस कर सकें, जैसे—बचपन, मिठास, ईमानदारी।

सर्वनाम (Pronoun)


संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। (जैसे—मैं, तुम, वह, हम, आप)। इसके 6 भेद होते हैं, जिनमें ‘पुरुषवाचक’ और ‘निश्चयवाचक’ मुख्य हैं।

विशेषण (Adjective)


जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।
गुणवाचक: अच्छा, बुरा, काला।
संख्यावाचक: दो, चार, कुछ।
परिमाणवाचक: दो किलो, थोड़ा पानी।


क्रिया और काल (Verb & Tense)


संधि और समास (सबसे कठिन और महत्वपूर्ण)
उपसर्ग और प्रत्यय
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
पत्र लेखन और निबंध

क्रिया (Verb)


जिस शब्द से किसी काम के करने या होने का पता चले, उसे क्रिया कहते हैं।
अकर्मक क्रिया: जिसमें कर्म नहीं होता। (जैसे—राम सोता है।)
सकर्मक क्रिया: जिसमें कर्म होता है। (जैसे—राम फल खाता है।) यहाँ ‘फल’ कर्म है।

काल (Tense)


क्रिया के जिस रूप से समय का पता चले:
भूतकाल: जो बीत गया। (वह गया था।)
वर्तमान काल: जो चल रहा है। (वह जा रहा है।)
भविष्यत काल: जो आने वाला है। (वह जाएगा।)

संधि (Joining)


दो वर्णों के मेल से जो विकार (बदलाव) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं।
स्वर संधि: दो स्वरों का मेल। (जैसे—हिम + आलय = हिमालय)
व्यंजन संधि: व्यंजन का स्वर या व्यंजन से मेल।
विसर्ग संधि: विसर्ग का किसी स्वर या व्यंजन से मेल।

समास (Compound)


दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर छोटा करना ‘समास’ कहलाता है।
अव्ययीभाव: जिसका पहला पद प्रधान हो। (यथाशक्ति – शक्ति के अनुसार)
तत्पुरुष: जिसमें कारक चिन्हों का लोप हो। (राजकुमार – राजा का कुमार)
द्वंद्व: जिसमें दोनों पद प्रधान हों। (रात-दिन – रात और दिन)
बहुव्रीहि: जहाँ कोई तीसरा अर्थ निकले। (लंबोदर – गणेश जी)

उपसर्ग और प्रत्यय


उपसर्ग: जो शब्द के आगे जुड़कर अर्थ बदल दें। (जैसे—’हार’ के आगे ‘प्र’ लगाने पर ‘प्रहार’ बनता है।)
प्रत्यय: जो शब्द के पीछे जुड़कर अर्थ बदल दें। (जैसे—’लिख’ के पीछे ‘आई’ लगाने पर ‘लिखाई’ बनता है।)

शब्द भंडार (Vocabulary)


पर्यायवाची शब्द: एक जैसे अर्थ वाले शब्द। (जैसे—सूर्य: सूरज, रवि, दिनकर)
विलोम शब्द: उलटे अर्थ वाले शब्द। (जैसे—अमृत × विष, जीवन × मरण)
अनेकार्थी शब्द: एक शब्द के कई अर्थ। (जैसे—’कर’ का अर्थ ‘हाथ’ भी है और ‘टैक्स’ भी।)
लेखन अनुभाग (Writing Section)
दीपक भाई, पोस्ट को 4000+ वर्ड्स का बनाने के लिए निबंध और पत्र का ढांचा (Format) डालना बहुत ज़रूरी है।

पत्र लेखन (Letter Writing)


औपचारिक पत्र (जैसे—प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र):
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
[स्कूल का नाम],
विषय: ज़रूरी काम के लिए अवकाश।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मुझे घर पर एक आवश्यक कार्य है, जिसके कारण मैं स्कूल नहीं आ सकता। कृपया मुझे दो दिन की छुट्टी प्रदान करें।
धन्यवाद,
आपका आज्ञाकारी छात्र,
[आपका नाम]

निबंध लेखन (Essay Writing)


परीक्षा में अक्सर इन विषयों पर निबंध आते हैं:
विज्ञान के चमत्कार: लाभ और हानि।
मेरा प्रिय खेल: क्रिकेट या फुटबॉल।
प्रदूषण की समस्या: कारण और निवारण।
अनुशासन का महत्व: विद्यार्थी जीवन में।

मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Idioms and Proverbs)


मुहावरे भाषा को सुंदर और प्रभावशाली बनाते हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण मुहावरे अर्थ सहित दिए गए हैं:
अंगूठा दिखाना: ऐन वक्त पर मना कर देना।
आँखों का तारा होना: बहुत प्यारा होना। (जैसे—हर बच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा होता है।)


ईंट से ईंट बजाना:

विनाश कर देना या करारा जवाब देना।
दाँतों तले उँगली दबाना: हैरान रह जाना।
नौ दो ग्यारह होना: भाग जाना। (जैसे—पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।)
लोहे के चने चबाना: बहुत कठिन परिश्रम करना।

लोकोक्तियाँ (कहावतें)


अधजल गगरी छलकत जाए: ओछा व्यक्ति बहुत दिखावा करता है।
ऊँट के मुँह में जीरा: ज़रूरत से बहुत कम मिलना।
खोदा पहाड़ निकली चुहिया: बहुत मेहनत करने पर कम फल मिलना।
जिसकी लाठी उसकी भैंस: शक्तिशाली की ही जीत होती है।

अशुद्ध और शुद्ध शब्द (Spelling Correction)


अक्सर छात्र हिंदी लिखने में गलतियाँ करते हैं, यहाँ कुछ शब्दों के शुद्ध रूप दिए गए हैं:
अशुद्ध: आशार्वाद — शुद्ध: आशीर्वाद
अशुद्ध: परिक्षा — शुद्ध: परीक्षा
अशुद्ध: कवियत्री — शुद्ध: कवयित्री
अशुद्ध: उज्वल — शुद्ध: उज्ज्वल
अशुद्ध: अगामी — शुद्ध: आगामी


विशेष सुझाव: हिंदी में पूरे अंक कैसे लाएं?


लिखावट (Handwriting): हिंदी के पेपर में सुलेख का बहुत महत्व होता है। साफ़-सुथरा लिखने की कोशिश करें।
मात्राओं का ज्ञान: मात्राओं की गलती से बचने के लिए कठिन शब्दों को बार-बार लिखकर अभ्यास करें।
विराम चिन्हों का प्रयोग: पूर्णविराम (।), अल्पविराम (,) और प्रश्नवाचक चिन्ह (?) का सही जगह उपयोग करें।


निष्कर्ष (Conclusion)


हमें उम्मीद है कि Class 8 Hindi Grammar Full Book Notes का यह संग्रह आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। BexyHub का उद्देश्य आपको बिना किसी कोचिंग के घर बैठे बेहतरीन शिक्षा प्रदान करना है। अगर आपको ये नोट्स पसंद आए हों, तो अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर दें।
लेखक परिचय: यह संपूर्ण सामग्री Deepak Kumar (Nursing Officer) द्वारा तैयार की गई है, जो स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

Meet the Expert – Deepak Kumar


“Namaste doston! Mera naam Deepak Kumar hai aur main ek dedicated Nursing professional hoon. Maine apni Nursing education mein GNM, Post BSc Nursing, aur MSc Nursing ki degree haasil ki hai.
Pichle kai saalon se main ek Nursing Officer ke roop mein ICU (Intensive Care Unit) mein kaam kar raha hoon. Mera rozana ka kaam critical patients ki care karna aur medical emergencies ko handle karna raha hai. Is practical experience ne mujhe wo baatein sikhayi hain jo sirf kitabon mein nahi milti.
Bexyhub banane ka mera maqsad yahi hai ki main apne isi ‘Real-life Clinical Experience’ ko aap sab ke sath share kar sakun. Yahan aapko jo bhi notes ya MCQs milenge, wo mere khud ke anubhav aur deep research par aadharit hain. Mera lakshya hai ki har nursing student ko quality educational content mile taaki wo apne exams aur career mein safal ho sakein.”


महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer):
यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए साझा की गई है। यहाँ दी गई जानकारी मेरे नर्सिंग अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। यदि आपको किसी जानकारी पर संदेह है या कोई शिकायत है, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं या हमसे संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय निर्णय के लिए पेशेवर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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