CBSE Class 8 Sanskrit Full Syllabus Notes 2026: व्याकरण, साहित्य एवं शब्द-रूपाणि
नमो नमः मित्रों! Bexyhub पर आपका स्वागत है। मैं हूँ दीपक कुमार। आज हम अपनी प्राचीन और सबसे वैज्ञानिक भाषा—संस्कृत के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। एक M.Sc. Psychiatry छात्र होने के नाते मैं आपको बता दूँ कि संस्कृत के मंत्रों और शब्दों का उच्चारण हमारे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए बहुत लाभकारी होता है।
भाग 1: रुचिरा भाग-3 (साहित्य)
कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक ‘रुचिरा’ में बहुत ही प्रेरणादायक पाठ दिए गए हैं।
सुभाषितानि (सुंदर वचन)
“सु” का अर्थ है सुंदर और “भाषित” का अर्थ है वचन। ये श्लोक हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं।
श्लोक: गुणज्ञेषु गुणाः गुणा भवन्ति, ते निर्गुणं प्राप्य भवन्ति दोषाः।
(अर्थ: गुण गुणी व्यक्तियों के पास जाकर ही गुण रहते हैं, लेकिन वे निर्गुणी व्यक्ति के पास जाकर दोष बन जाते हैं।)
बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता (गुफा की वाणी मैंने कभी नहीं सुनी)
यह ‘पञ्चतन्त्र’ की एक प्रसिद्ध कहानी है जो हमें सिखाती है कि मुसीबत के समय बुद्धि का प्रयोग कैसे करना चाहिए।
डिजीभारतम् (Digital India)
यह पाठ आज के युग के बारे में है। कैसे भारत डिजिटल बन रहा है, यह संस्कृत में पढ़ना बहुत रोमांचक है।
भाग 2: संस्कृत व्याकरण (Sanskrit Grammar)
संस्कृत की असली ताकत उसके व्याकरण में है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण नियम दिए गए हैं:
वर्ण-परिचय और उच्चारण स्थान
संस्कृत में स्वर और व्यंजन का वैज्ञानिक विभाजन है।
स्वर: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
व्यंजन: क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग।
शब्द-रूपाणि (Word Forms)
संस्कृत में शब्दों के रूप विभक्तियों के अनुसार बदलते हैं। ‘बालक’ (अकारान्त पुल्लिंग) का रूप सबसे महत्वपूर्ण है:
विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा बालकः बालकौ बालकाः
द्वितीया बालकम् बालकौ बालकान्
तृतीया बालकेन बालकाभ्याम् बालकैः
धातु-रूपाणि (Verb Forms)
क्रिया को संस्कृत में ‘धातु’ कहते हैं। जैसे ‘पठ्’ (पढ़ना):
लट् लकार (Present Tense): पठति, पठतः, पठन्ति।
लृट् लकार (Future Tense): पठिष्यति, पठिष्यतः, पठिष्यन्ति।
लङ् लकार (Past Tense): अपठत्, अपठताम्, अपठन्।
सन्धि (Sandhi)
दो वर्णों के मेल से होने वाले विकार को सन्धि कहते हैं।
दीर्घ सन्धि: विद्या + आलयः = विद्यालयः
गुण सन्धि: उप + इन्द्रः = उपेन्द्रः
भाग 3: संस्कृत में समय और संख्या (Time and Counting)
यह छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इससे पोस्ट की ‘Value’ बढ़ती है।
संख्या (1-20): एकः, द्वौ, त्रयः, चत्वारः, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश…
समय लेखनम् (Time):
5:00 – पञ्चवादनम्
5:15 – सपाद पञ्चवादनम्
5:30 – सार्ध पञ्चवादनम्
5:45 – पादोन षड्वादनम्
भाग 4: संस्कृत अनुवाद के नियम (Rules of Translation)
संस्कृत में अनुवाद करना एक कला है। एक Nursing Officer के तौर पर जैसे मैं दवा की सही मात्रा का ध्यान रखता हूँ, वैसे ही आपको ‘लकार’ और ‘वचन’ का ध्यान रखना होगा।
कारक और विभक्ति चिन्ह (Karak and Vibhakti)
अनुवाद के लिए यह टेबल सबसे महत्वपूर्ण है:
कारक विभक्ति चिन्ह
कर्ता प्रथमा ने
कर्म द्वितीया को
करण तृतीया से/के द्वारा
सम्प्रदान चतुर्थी के लिए
अपादान पञ्चमी से (अलग होना)
सम्बन्ध षष्ठी का/के/की
अधिकरण सप्तमी में/पर
अनुवाद के कुछ उदाहरण:
वह घर जाता है। – सः गृहं गच्छति।
वे सब पढ़ते हैं। – ते पठन्ति।
राम पुस्तक पढ़ता है। – रामः पुस्तकं पठति।
वृक्ष से पत्ता गिरता है। – वृक्षात् पत्रं पतति।
भाग 5: संस्कृत लेखनम् (Sanskrit Writing Skills)
परीक्षा में ‘प्रार्थना पत्र’ और ‘निबन्ध’ बहुत अंकों के आते हैं। यहाँ एक उदाहरण दिया गया है:
रुग्णावकाशार्थं प्रार्थनापत्रम् (बीमारी के कारण छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र)
सेवायाम्,
श्रीमन्तः प्रधानाचार्य महोदयाः,
[विद्यालयस्य नाम], [नगरस्य नाम]
विषयः – रुग्णावकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।
महोदयाः,
सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् अहं अद्य ज्वरेण पीड़ितः अस्मि। अतः विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि। कृपया मम द्वयोः दिवसयोः (तारीख) अवकाशं स्वीकृत्य माम् अनुगृह्णन्तु।
भवतः आज्ञाकारी शिष्यः
नाम – [भवतः नाम]
कक्षा – अष्टमी
भाग 6: महत्वपूर्ण शब्दकोश (Sanskrit Vocabulary)
संस्कृत को समृद्ध बनाने के लिए इन शब्दों को याद करना ज़रूरी है:
हिन्दी नाम संस्कृत नाम हिन्दी नाम संस्कृत नाम
आम आम्रम् हाथी गजः
कमल कमलम् मोर मयूरः
दूध दुग्धम् जल नीरम्/जलम्
पिता जनकः माता जननी
आँख नयनम् हाथ हस्तः
भाग 7: अमृतवचनानि (Sanskrit Quotes for Motivation)
ये सूक्तियाँ आपके जीवन में सकारात्मकता भर देंगी:
सत्यमेव जयते: सत्य की ही जीत होती है।
विद्वान सर्वत्र पूज्यते: विद्वान की सभी जगह पूजा होती है।
उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः: मेहनत से ही काम पूरे होते हैं, केवल सोचने से नहीं।
शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्: शरीर ही सभी धर्मों (कर्तव्यों) को पूरा करने का पहला साधन है। (एक नर्सिंग ऑफिसर के नाते मैं इस पर सबसे ज़्यादा यकीन करता हूँ)।
Bexyhub Special Note: संस्कृत पढ़ने की विधि
दीपक कुमार (Nursing Officer) की सलाह—संस्कृत को रटें नहीं, उसे बोलें। जब आप श्लोकों का पाठ करते हैं, तो आपकी वाणी में स्पष्टता आती है। मैं अपनी M.Sc. Psychiatry की रिसर्च के दौरान भी यह पाता हूँ कि भारतीय भाषाओं का व्याकरण हमारे मस्तिष्क की संरचना को बेहतर बनाता है।
लेखक के विचार: एक नर्सिंग ऑफिसर का संदेश (Author’s Note)
दोस्तों, मैं दीपक कुमार, पेशे से एक ICU Nursing Officer हूँ। कई लोग हैरान होते हैं कि मेडिकल फील्ड का व्यक्ति संस्कृत क्यों पढ़ा रहा है?
सच्चाई यह है कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है, यह एक ‘Therapy’ (चिकित्सा) है। जब हम संस्कृत के कठिन शब्दों का उच्चारण करते हैं, तो हमारे दिमाग की नसें सक्रिय होती हैं। मैंने अपने M.Sc. Psychiatry के दौरान यह महसूस किया कि भारतीय दर्शन और संस्कृत साहित्य में मानसिक शांति के अद्भुत रहस्य छुपे हैं।
मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से आता हूँ, मैंने 11 महीने की बेरोज़गारी का दंश झेला है। Bexyhub मेरा एक सपना है—कि मैं शिक्षा को इतना सरल और सुलभ बना दूँ कि किसी भी छात्र को मेरी तरह संघर्ष न करना पड़े। ये नोट्स मेरी रात की ड्यूटी के बाद की मेहनत का परिणाम हैं।
आशा है कि ये नोट्स आपकी पढ़ाई में सहायक सिद्ध होंगे। यदि आपको कोई सन्देह हो, तो टिप्पणी (Comment) अवश्य करें।
आपका अपना,
दीपक कुमार (Nursing Officer)
Founder, Bexyhub
About the Author – Deepak Kumar
Hi, main Deepak Kumar hoon. Maine GNM, Post BSc Nursing, aur MSc Nursing ki hai. Ek experienced ICU Nursing Officer hone ke naate, main Bexyhub par nursing students ke liye original aur practical notes share karta hoon taaki aap clinical practice aur exams mein excel kar sakein.
यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए साझा की गई है। यहाँ दी गई जानकारी मेरे नर्सिंग अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। यदि आपको किसी जानकारी पर संदेह है या कोई शिकायत है, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं या हमसे संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय निर्णय के लिए पेशेवर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
Our Specialized Health Education Portal:
Visit Care.Bexyhub.in →