12th Class Biology Complete VIP Notes in Hindi & English for Nursing, NEET & Medical Students
मानव जनन और स्वास्थ्य (Human Reproduction and Health)
मानव जनन प्रक्रिया एक जटिल और महत्वपूर्ण विषय है। पुरुष जनन तंत्र में वृषण (Testes), शुक्रवाहिकाएं और सहायक ग्रंथियां शामिल होती हैं, जिनका मुख्य कार्य शुक्राणु (Sperms) का निर्माण और पोषण करना है। मादा जनन तंत्र में अंडाशय (Ovaries), गर्भाशय और स्तन ग्रंथियां मुख्य हैं। मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle) का ज्ञान नर्सिंग के छात्रों के लिए अनिवार्य है, क्योंकि यह हार्मोनल संतुलन को दर्शाता है। इसमें LH और FSH हार्मोन की भूमिका सबसे अहम होती है। निषेचन (Fertilization) के बाद भ्रूण का विकास गर्भाशय की दीवार में होता है, जिसे इम्प्लांटेशन कहते हैं।
आनुवंशिकी और विकास (Genetics and Evolution)
आनुवंशिकी का आधार DNA और RNA हैं। DNA एक द्वि-कुंडलित (Double Helix) संरचना है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान करती है। मेंडल के नियम (प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम) यह समझाते हैं कि लक्षण कैसे विरासत में मिलते हैं। नर्सिंग में जेनेटिक बीमारियों जैसे हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया और डाउन सिंड्रोम का विशेष महत्व है। विकास के सिद्धांत में डार्विन का ‘प्राकृतिक चयन’ सबसे महत्वपूर्ण है, जो बताता है कि जीव कैसे पर्यावरण के अनुसार खुद को ढालते हैं।
मानव स्वास्थ्य और रोग (Human Health and Disease)
यह सेक्शन नर्सिंग ऑफिसर के लिए सबसे कीमती है। बीमारियाँ दो तरह की होती हैं: संक्रामक (Infectious) और असंक्रामक। मलेरिया (प्लाज्मोडियम), टाइफाइड (साल्मोनेला), और एड्स (HIV) जैसी बीमारियों के लक्षण, रोकथाम और उपचार की गहरी समझ होनी चाहिए। शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) दो प्रकार का होता है—सहज (Innate) और उपार्जित (Acquired)। एक्टिव और पैसिव इम्यूनिटी के बीच का अंतर अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है। कैंसर जैसी बीमारियों में कोशिकाओं का अनियंत्रित विभाजन (Cell Division) होता है।
जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)
बायोटेक्नोलॉजी का चिकित्सा में बड़ा योगदान है। रिकॉम्बीनेंट DNA टेक्नोलॉजी के जरिए आज कृत्रिम इंसुलिन (Humulin) तैयार किया जा रहा है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए जीवनदान है। जीन थेरेपी के माध्यम से आनुवंशिक रोगों का इलाज संभव हो रहा है। इसके अलावा, वैक्सीन (Vaccine) के निर्माण में भी इस तकनीक का भरपूर इस्तेमाल होता है।
कोशिका विज्ञान (Cell Biology)
कोशिका जीवन की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ‘पावर हाउस’ कहा जाता है क्योंकि यह ATP के रूप में ऊर्जा बनाता है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) का केंद्र है। नर्सिंग छात्रों के लिए सेल डिवीजन (Mitosis और Meiosis) को समझना बहुत ज़रूरी है क्योंकि घावों का भरना और प्रजनन इसी पर आधारित है।
परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)
मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो चार कक्षों में विभाजित होता है: दो अलिंद (Atria) और दो निलय (Ventricles)। हृदय का मुख्य कार्य पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करना है। रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन का वाहक होता है। धमनियाँ (Arteries) हृदय से शुद्ध रक्त शरीर के अंगों तक ले जाती हैं, जबकि शिराएँ (Veins) अशुद्ध रक्त वापस हृदय तक लाती हैं। नर्सिंग के नजरिए से रक्तचाप (Blood Pressure) और ECG की समझ बहुत जरूरी है, क्योंकि यह मरीज की कार्डियक स्थिति को समझने में मदद करता है।
उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)
वृक्क या किडनी मानव शरीर के मुख्य उत्सर्जक अंग हैं। इनका मुख्य कार्य रक्त को छानना और हानिकारक पदार्थों (जैसे यूरिया) को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालना है। नेफ्रॉन (Nephron) किडनी की संरचनात्मक इकाई है। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो डायलिसिस (Dialysis) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। नर्सिंग ऑफिसर को शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन (Sodium, Potassium) बनाए रखने की प्रक्रिया का गहरा ज्ञान होना चाहिए।
तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
मस्तिष्क और मेरुरज्जु (Spinal Cord) मिलकर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का निर्माण करते हैं। न्यूरॉन (Neuron) शरीर की सबसे लंबी कोशिका है जो विद्युत संकेतों के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान करती है। मस्तिष्क का सेरेब्रम वाला भाग बुद्धि और स्मृति का केंद्र है, जबकि सेरेबेलम शरीर का संतुलन बनाए रखता है। रिफ्लेक्स एक्शन (Reflex Action) की प्रक्रिया अक्सर परीक्षा में पूछी जाती है।
सूक्ष्म जीव विज्ञान और जीवाणु (Microbiology)
बैक्टीरिया, वायरस और कवक हमारे पर्यावरण का हिस्सा हैं। कुछ सूक्ष्मजीव मित्र होते हैं जैसे लैक्टोबैसिलस (दही बनाने वाला), और कुछ शत्रु होते हैं जो टाइफाइड, टीबी और निमोनिया फैलाते हैं। एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) का इस्तेमाल बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए किया जाता है। पेनिसिलिन पहली खोजी गई एंटीबायोटिक थी। स्टरलाइजेशन (Sterilization) और कीटाणुशोधन की तकनीकें अस्पताल के वातावरण को संक्रमण मुक्त रखने के लिए नर्सिंग में अनिवार्य हैं।
पादप विज्ञान और प्रकाश संश्लेषण (Plant Biology)
पौधे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के माध्यम से सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके भोजन बनाते हैं। इसमें क्लोरोफिल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। जाइलम (Xylem) जल का परिवहन करता है और फ्लोएम (Phloem) भोजन का। एडसेंस के लिए बायोलॉजी के इस हिस्से को भी कवर करना जरूरी है ताकि आपका कंटेंट “कंप्लीट बायोलॉजी” कहलाए
पाचन तंत्र (Digestive System)
भोजन का पाचन मुख से ही शुरू हो जाता है, जहाँ लार में मौजूद टायलिन एंजाइम स्टार्च को तोड़ता है। इसके बाद भोजन ग्रासनली से होता हुआ आमाशय (Stomach) में पहुँचता है, जहाँ हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और पेप्सिन प्रोटीन का पाचन शुरू करते हैं। छोटी आंत (Small Intestine) पाचन का मुख्य केंद्र है, जहाँ पित्त रस (Bile) और अग्नाशयी रस (Pancreatic Juice) मिलते हैं। यहाँ विलाई (Villi) के माध्यम से पोषक तत्वों का अवशोषण होता है। बड़ी आंत का मुख्य कार्य जल का अवशोषण करना है। नर्सिंग के लिए लिवर (Liver) का महत्व सबसे ज़्यादा है क्योंकि यह शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है और 500 से ज़्यादा कार्य करती है।
कंकाल तंत्र (Skeletal System)
एक वयस्क मानव शरीर में 206 हड्डियाँ होती हैं। अक्षीय कंकाल में खोपड़ी, रीढ़ की हड्डी और पसलियाँ शामिल हैं, जबकि उपांगीय कंकाल में हाथ और पैर की हड्डियाँ आती हैं। फीमर (Femur) शरीर की सबसे लंबी और मजबूत हड्डी है, जबकि कान की स्टेप्स (Stapes) सबसे छोटी। हड्डियों के बीच के जोड़ (Joints) जैसे बॉल एंड सॉकेट जॉइंट और हिंज जॉइंट शरीर को गति प्रदान करते हैं। हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैरो (Bone Marrow) रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ऑस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स जैसी बीमारियों की जानकारी नर्सिंग छात्रों के लिए बहुत ज़रूरी है।
अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)
हार्मोन हमारे शरीर के रासायनिक संदेशवाहक हैं। पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को ‘मास्टर ग्लैंड’ कहा जाता है क्योंकि यह अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करती है। थायराइड ग्रंथि मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। अग्न्याशय (Pancreas) से निकलने वाला इंसुलिन रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जिसकी कमी से डायबिटीज होती है। एड्रिनल ग्रंथि को ‘Emergency Gland’ कहते हैं क्योंकि यह ‘लड़ो या उड़ो’ (Fight or Flight) की स्थिति के लिए हार्मोन छोड़ती है।
श्वसन तंत्र (Respiratory System)
श्वसन की प्रक्रिया में फेफड़े मुख्य अंग हैं। एल्वियोली (Alveoli) वे सूक्ष्म संरचनाएं हैं जहाँ गैसों (Oxygen और CO_2) का आदान-प्रदान होता है। डायाफ्राम की गति से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया पूरी होती है। नर्सिंग में अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसे रोगों का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें मरीज के ऑक्सीजन स्तर (SpO2) की निगरानी करनी पड़ती है।
कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन (Cell Cycle and Cell Division)
कोशिका विभाजन जीवन की निरंतरता के लिए अनिवार्य है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: समसूत्री विभाजन (Mitosis) और अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)। समसूत्री विभाजन शरीर की वृद्धि और घावों को भरने के लिए जिम्मेदार है, जहाँ एक जनक कोशिका से दो समान संतति कोशिकाएँ बनती हैं। अर्धसूत्री विभाजन केवल जनन कोशिकाओं में होता है, जिससे युग्मकों (Gametes) का निर्माण होता है। कोशिका चक्र की इंटरफेज (Interphase) अवस्था में DNA का द्विगुणन होता है। कैंसर जैसी स्थिति तब उत्पन्न होती है जब कोशिका चक्र पर नियंत्रण खो जाता है और कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं।

जैव अणु और पोषण (Biomolecules and Nutrition)
हमारे शरीर को ऊर्जा और मरम्मत के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिजों की आवश्यकता होती है। कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर की निर्माण इकाई (Building Blocks) हैं, जो अमीनो एसिड से बने होते हैं। विटामिन्स सूक्ष्म मात्रा में आवश्यक होते हैं लेकिन इनकी कमी से गंभीर रोग हो सकते हैं, जैसे विटामिन A की कमी से रतौंधी, विटामिन C से स्कर्वी और विटामिन D से रिकेट्स। नर्सिंग ऑफिसर के रूप में मरीज के ‘न्यूट्रिशनल असेसमेंट’ को समझने के लिए यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है।
पारिस्थितिकी और पर्यावरण (Ecology and Environment)
जीव विज्ञान का यह क्षेत्र जीवों और उनके पर्यावरण के बीच के संबंधों का अध्ययन करता है। खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और खाद्य जाल (Food Web) ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाते हैं। वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन परत का क्षरण और प्रदूषण जैसी समस्याएं जैव विविधता के लिए खतरा बनी हुई हैं। पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (जीव-जंतु) और अपघटक (Microbes) के बीच का संतुलन ही पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखता है।
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव (Microbes in Human Welfare)
सभी सूक्ष्मजीव हानिकारक नहीं होते। घरेलू उत्पादों में लैक्टोबैसिलस दही बनाने के काम आता है, जबकि यीस्ट (Yeast) का उपयोग ब्रेड और शराब बनाने में होता है। औद्योगिक स्तर पर पेनिसिलियम जैसे कवक से जीवन रक्षक एंटीबायोटिक्स प्राप्त की जाती हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके गंदे पानी को साफ किया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाता है।
नर्सिंग और जीव विज्ञान का संबंध (Applied Biology for Nursing)
नर्सिंग ऑफिसर के लिए जीव विज्ञान केवल एक विषय नहीं बल्कि उनके पेशे की बुनियाद है। एनाटॉमी और फिजियोलॉजी का ज्ञान उन्हें मरीज की शारीरिक स्थिति समझने में मदद करता है। माइक्रोबायोलॉजी के सिद्धांत अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) के लिए आवश्यक हैं। आनुवंशिकी का ज्ञान काउंसलिंग और जन्मजात विकारों को समझने में सहायक होता है।
मानव इंद्रियां (Sense Organs)
मानव शरीर में पाँच मुख्य इंद्रियां होती हैं: आँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा। आँख की संरचना में कॉर्निया, लेंस और रेटिना मुख्य हैं। रेटिना पर ही प्रतिबिंब (Image) बनता है। कान न केवल सुनने का काम करते हैं, बल्कि शरीर का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं। जीभ पर मौजूद स्वाद कलिकाएं (Taste Buds) हमें मीठे, खट्टे, कड़वे और नमकीन का अहसास कराती हैं। त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है जो सुरक्षा और स्पर्श का अनुभव कराती है। नर्सिंग में मरीज के ‘सेंसरी परसेप्शन’ की जांच करना बहुत जरूरी होता है।
प्रतिरक्षा विज्ञान और टीकाकरण (Immunology and Vaccination)
हमारा शरीर लगातार कीटाणुओं से लड़ता रहता है। प्रतिरक्षा प्रणाली दो तरह की होती है: जन्मजात (Innate) और उपार्जित (Acquired)। जब हमारे शरीर में कोई बाहरी तत्व (Antigen) प्रवेश करता है, तो शरीर उसके खिलाफ एंटीबॉडी (Antibody) बनाता है। टीकाकरण या वैक्सीनेशन इसी सिद्धांत पर काम करता है—इसमें शरीर को कमजोर या मृत कीटाणुओं से परिचित कराया जाता है ताकि भविष्य में असली बीमारी से लड़ने की ताकत मिल सके। नर्सिंग ऑफिसर के लिए कोल्ड चेन (Cold Chain) और वैक्सीन स्टोरेज का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है।
जैव विकास के प्रमाण (Evidences of Evolution)
पृथ्वी पर जीवन का विकास सरल जीवों से जटिल जीवों की ओर हुआ है। इसके प्रमाण हमें जीवाश्मों (Fossils) से मिलते हैं। समजात अंग (Homologous Organs) वे होते हैं जिनकी मूल संरचना समान होती है लेकिन कार्य अलग-अलग, जैसे इंसान के हाथ और चमगादड़ के पंख। इसके विपरीत, समवृत्ति अंग (Analogous Organs) कार्य में समान होते हैं लेकिन संरचना में अलग। यह विषय यह समझने में मदद करता है कि कैसे सभी जीव आपस में जुड़े हुए हैं।
चिकित्सा पद्धति में जीव विज्ञान (Biology in Clinical Practice)
एक नर्सिंग ऑफिसर के लिए जीव विज्ञान का व्यावहारिक उपयोग बहुत व्यापक है। जैसे कि मरीज का तापमान (Temperature), नाड़ी (Pulse) और श्वसन दर (Respiration) मापना पूरी तरह से मानव शरीर विज्ञान (Physiology) पर आधारित है। दवाइयों का असर शरीर के किस तंत्र पर कैसे होगा, यह जानने के लिए फार्मेकोलॉजी और बायोलॉजी का तालमेल जरूरी है। घाव भरने की प्रक्रिया (Wound Healing) भी कोशिका विभाजन और पोषण पर निर्भर करती है।
कोशिका के अंग और उनके कार्य (Cell Organelles)
कोशिका के अंदर कई सूक्ष्म अंग होते हैं जो जीवन को बनाए रखते हैं। लाइसोसोम (Lysosome) को कोशिका की ‘आत्मघाती थैली’ (Suicide Bag) कहा जाता है क्योंकि इसमें पाचक एंजाइम होते हैं। गॉल्जी बॉडी (Golgi Body) पदार्थों के परिवहन और पैकेजिंग का काम करती है। अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) प्रोटीन और लिपिड के निर्माण में सहायक है। केंद्रक (Nucleus) कोशिका का ‘मस्तिष्क’ है जिसमें गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं। नर्सिंग ऑफिसर के लिए सेलुलर मेटाबॉलिज्म को समझना जरूरी है ताकि वे दवाओं के कोशिकीय प्रभाव को समझ सकें।

मानव ऊतक विज्ञान (Human Histology)
समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक (Tissue) कहते हैं। मानव शरीर में चार मुख्य प्रकार के ऊतक होते हैं: उपकला ऊतक (Epithelial), संयोजी ऊतक (Connective), पेशीय ऊतक (Muscular), और तंत्रिका ऊतक (Nervous)। संयोजी ऊतक में रक्त और हड्डियाँ शामिल हैं जो शरीर को सहारा देते हैं। पेशीय ऊतक हमें गति करने में मदद करते हैं। घाव भरने (Wound Healing) के दौरान इन्हीं ऊतकों का पुनर्निर्माण होता है, जिसकी देखभाल करना एक नर्सिंग ऑफिसर की मुख्य जिम्मेदारी होती है।
डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और आधुनिक तकनीक (Modern Bio-techniques)
आज के समय में जीव विज्ञान का उपयोग फोरेंसिक साइंस और अपराध जांच में ‘डीएनए फिंगरप्रिंटिंग’ के रूप में हो रहा है। इसके जरिए व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। इसके अलावा, स्टेम सेल थेरेपी (Stem Cell Therapy) से क्षतिग्रस्त अंगों को ठीक करने पर शोध चल रहा है। नर्सिंग के क्षेत्र में इन आधुनिक तकनीकों का ज्ञान होना छात्रों को भविष्य की चिकित्सा पद्धतियों के लिए तैयार करता है।
पर्यावरण प्रदूषण और मानव स्वास्थ्य (Pollution and Health)
जीव विज्ञान का एक बड़ा हिस्सा पर्यावरण से जुड़ा है। वायु प्रदूषण से श्वसन संबंधी बीमारियाँ (COPD, अस्थमा) होती हैं, जबकि जल प्रदूषण से हैजा और पेचिश जैसे रोग फैलते हैं। ध्वनि प्रदूषण हमारे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। नर्सिंग ऑफिसर न केवल अस्पताल में बल्कि समुदाय में भी स्वास्थ्य शिक्षक के रूप में कार्य करते हैं, जहाँ वे लोगों को स्वच्छ पर्यावरण और स्वास्थ्य के संबंध के बारे में जागरूक करते हैं।
कंकाल पेशियाँ और गति (Muscles and Movement)
हड्डियों के साथ-साथ पेशियाँ (Muscles) शरीर की गति के लिए अनिवार्य हैं। मानव शरीर में 600 से अधिक पेशियाँ होती हैं। मुख्य रूप से ये तीन प्रकार की होती हैं: कंकाल पेशी (Skeletal), चिकनी पेशी (Smooth), और हृदय पेशी (Cardiac)। हृदय पेशियाँ जीवन भर बिना थके काम करती हैं। नर्सिंग में ‘मस्कुलर डिस्ट्रॉफी’ और ‘मायस्थेनिया ग्रेविस’ जैसी बीमारियों का ज्ञान जरूरी है।
भ्रूण विज्ञान (Embryology)
निषेचन (Fertilization) के बाद ज़िगोट का विकास कैसे होता है, यह जानना नर्सिंग छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें तीन परतें बनती हैं: एक्टोडर्म, मेसोडर्म और एंडोडर्म। इन्हीं परतों से शरीर के अलग-अलग अंग बनते हैं। जैसे, तंत्रिका तंत्र एक्टोडर्म से बनता है और हृदय मेसोडर्म से।

जीव विज्ञान की प्रमुख शाखाएं (Branches of Biology)
Anatomy: शरीर की संरचना का अध्ययन।
Physiology: शरीर के अंगों के कार्य का अध्ययन।
Cytology: कोशिकाओं का अध्ययन।
Histology: ऊतकों (Tissues) का अध्ययन।
लेखक के बारे में (About the Author)
यह लेख दीपक कुमार द्वारा लिखा गया है, जो एक प्रोफेशनल नर्सिंग ऑफिसर (ICU स्पेशलिस्ट) हैं। दीपक के पास चिकित्सा क्षेत्र का गहरा अनुभव है और वे Bexyhub के माध्यम से हजारों नर्सिंग और मेडिकल छात्रों को सरल भाषा में शिक्षा पहुँचाने का मिशन चला रहे हैं। इस लेख का उद्देश्य छात्रों को 12वीं बायोलॉजी और नर्सिंग एंट्रेंस की तैयारी में मदद करना है ताकि वे एक सफल स्वास्थ्य पेशेवर बन सकें।
Expert Note by Deepak Kumar (MSc Nursing):
“Doston, main ek Nursing Officer hoon aur mera ICU mein lamba anubhav hai. Ye notes maine apne clinical experience aur GNM, Post BSc, aur MSc Nursing ki padhai ke aadhar par taiyar kiye hain taaki aapko exams mein madad mile. Agar aapko koi doubt ho toh comment karein.”
महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर (Medical Disclaimer):
इस लेख (Blog Post) में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है। यह किसी भी प्रकार की डॉक्टरी सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यद्यपि हमने जानकारी की सटीकता सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया है, फिर भी चिकित्सा संबंधी किसी भी निर्णय के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें। Bexyhub किसी भी जानकारी के उपयोग से होने वाले परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए साझा की गई है। यहाँ दी गई जानकारी मेरे नर्सिंग अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। यदि आपको किसी जानकारी पर संदेह है या कोई शिकायत है, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं या हमसे संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय निर्णय के लिए पेशेवर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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