राजस्थान बोर्ड कक्षा 8: ये 15 प्रश्न रट लो, परीक्षा में पक्का आएंगे!

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रबी और खरीफ की फसल को याद रखने की “देसी ट्रिक”:


खरीफ (Garmi): इसे ऐसे याद रखो “खा-कर-सो” (बाजरा, मक्का, मूंग)। ये मानसून के साथ आती हैं।
रबी (Sardi): इसे याद रखो “नाई हुटर बजाते ही जोश में गया” (चना, गेहूं, सरसों, मटर)। ये दिवाली के आस-पास बोई जाती हैं।

जुताई (Ploughing) क्यों जरूरी है?


सिर्फ मिट्टी पलटना नहीं है। असल काम है मिट्टी के अंदर दबे ‘ह्यूमस’ (खाद) को ऊपर लाना और मिट्टी में हवा के लिए जगह बनाना ताकि जड़ें दम ले सकें।

‘थ्रेसिंग’ और ‘विनोइंग’ में असली अंतर:


थ्रेसिंग: डंठल से बीज अलग करना (मशीन से)।
विनोइंग: भूसे से अनाज अलग करना (हवा की मदद से)।

सिंचाई के दो आधुनिक तरीके (जो पानी बचाते हैं):


ड्रिप तंत्र (Drip): बूंद-बूंद सीधा जड़ में। फलदार पौधों के लिए बेस्ट है।
छिड़काव तंत्र (Sprinkler): जैसे बारिश हो रही हो। रेतीली मिट्टी (जैसे हमारे बाड़मेर-जैसलमेर में) के लिए सबसे बढ़िया।

लाल डेटा पुस्तक (Red Data Book) क्या है?


यह कोई लाल रंग की कहानी की किताब नहीं है। यह उन जानवरों और पौधों की लिस्ट है जो दुनिया से खत्म होने वाले हैं (जैसे हमारा गोडावण)।

‘कोक’ और ‘कोलतार’ में फर्क:


कोक: यह कोयले का शुद्ध रूप है, स्टील बनाने में काम आता है।
कोलतार: यह वही काला गाढ़ा पदार्थ है जिससे सड़कें बनती हैं और जिससे ‘नेफ्थलीन’ (कीड़ों की गोली) बनती है।

आग बुझाने के लिए CO_2 ही क्यों?


क्योंकि CO_2 ऑक्सीजन से भारी होती है। यह आग के चारों तरफ एक ‘कंबल’ बना लेती है जिससे ऑक्सीजन कट जाती है और आग बुझ जाती है।

किशोरावस्था (Adolescence) और ‘एडम्स एपल’:


लड़कों के गले में जो हड्डी बाहर निकली दिखती है, उसे ‘एडम्स एपल’ (स्वरयंत्र) कहते हैं। इसी की वजह से आवाज फटने लगती है या भारी हो जाती है।

घर्षण (Friction) – मित्र या शत्रु?


यह मित्र भी है क्योंकि इसके बिना हम चल नहीं सकते (फिसल जाएंगे), और शत्रु भी है क्योंकि यह मशीनों को घिस देता है और गर्मी पैदा करता है।

1857 की क्रांति का राजस्थान में ‘मुख्य केंद्र’:


नसीराबाद से शुरू हुई, लेकिन सबसे भयानक विद्रोह ‘आउवा’ और ‘कोटा’ में हुआ था।

सूक्ष्मजीव (Micro-organisms): दोस्त या दुश्मन?


दोस्त कैसे: दूध से दही जमाना (लैक्टोबैसिलस जीवाणु), ब्रेड फुलाना (यीस्ट), और सबसे जरूरी—मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाना।
दुश्मन कैसे: ये खाने को जहरीला (Food Poisoning) बना देते हैं और मलेरिया, टीबी जैसी बीमारियाँ फैलाते हैं।
नर्सिंग ऑफिसर टिप: (यहाँ अपनी एक्सपर्टाइज डालें) एंटीबायोटिक सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर लें, क्योंकि ये सिर्फ बैक्टीरिया को मारती हैं, वायरस को नहीं।

‘एकीकरण’ का आसान गणित (SST – राजस्थान का निर्माण)


राजस्थान आज जैसा दिखता है, वैसा एक दिन में नहीं बना। इसे बनने में 7 चरण और 8 साल, 7 महीने, 14 दिन लगे।
याद रखने की ट्रिक: शुरुआत ‘मत्स्य संघ’ (अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली) से हुई और अंत 1 नवंबर 1956 को ‘अजमेर-मेरवाड़ा’ के जुड़ने से हुआ।

प्लास्टिक: ‘थर्मोप्लास्टिक’ और ‘थर्मोसेटिंग’ में अंतर


थर्मोप्लास्टिक (नरम दिल): जिसे गर्म करो तो मुड़ जाए (जैसे पानी की बोतल, PVC पाइप)।
थर्मोसेटिंग (जिद्दी): जिसे एक बार सांचे में ढाल दिया, तो गर्म करने पर भी नहीं पिघलेगा (जैसे बिजली के स्विच—बेकेलाइट)।

धातु और अधातु की ‘कुश्ती’ (Metals vs Non-Metals)


धातु: चमकदार होते हैं, कूटने पर फैलते हैं (आघातवर्धनीयता) और बिजली को जाने देते हैं।
अपवाद (जो परीक्षा में आता है): ‘सोडियम’ और ‘पोटेशियम’ इतने नरम धातु हैं कि उन्हें चाकू से काटा जा सकता है! और ‘पारा’ (Mercury) अकेला ऐसा धातु है जो कमरे के तापमान पर तरल (Liquid) रहता है।

उर्वरक (Fertilizer) और खाद (Manure) में असली फर्क


खाद: यह ‘नेचुरल’ है, खेत में बनती है (गोबर और पत्तों से)। यह मिट्टी को ‘ह्यूमस’ देती है।
उर्वरक: यह ‘फैक्ट्री’ में बनता है (यूरिया, NPK)। यह फसल को ताकत तो देता है लेकिन लंबे समय में मिट्टी को बंजर बना देता है।

वनोन्मूलन (Deforestation) के खतरनाक नतीजे


जब जंगल कटते हैं, तो सिर्फ पेड़ नहीं गिरते, बल्कि:
मिट्टी का कटाव बढ़ता है।
ग्लोबल वार्मिंग: हवा में CO_2 बढ़ जाती है जिससे धरती का तापमान बढ़ रहा है।
भूजल स्तर (Ground water) नीचे चला जाता है।

पेट्रोलियम को ‘काला सोना’ क्यों कहते हैं?


क्योंकि इसके एक-एक अंश से कुछ न कुछ कीमती निकलता है—पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, पैराफिन मोम और बिटुमेन (सड़क बनाने वाला)। इसके बिना आज की दुनिया रुक जाएगी।

कोशिका के ‘अंग’ (Cell Organelles) – एग्जाम का पसंदीदा सवाल


माइटोकॉन्ड्रिया: इसे कोशिका का ‘Power House’ कहते हैं क्योंकि यह ऊर्जा बनाता है।
क्लोरोप्लास्ट: यह सिर्फ पौधों में होता है (हरा रंग देने और खाना बनाने के लिए)।

मेरे बारे में (About Me)


नमस्ते दोस्तों! मेरा नाम दीपक कुमार है।
अगर आप सोच रहे हैं कि यह वेबसाइट Bexyhub किसने बनाई है और इसके पीछे का मकसद क्या है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। मैं कोई बड़ा बिजनेसमैन या सिर्फ एक ब्लॉगर नहीं हूँ, बल्कि मैं आपकी तरह ही एक संघर्ष करने वाला इंसान और पेशे से एक Nursing Officer (MSc Nursing) हूँ।


मेरी कहानी:


मैंने अपनी पढ़ाई और करियर में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। ICU की ड्यूटी के दौरान मैंने सीखा कि सही जानकारी और सही समय पर लिया गया फैसला जान बचा सकता है। नर्सिंग ऑफिसर के रूप में काम करते हुए मैंने महसूस किया कि इंटरनेट पर पढ़ाई का बहुत सारा कंटेंट तो है, लेकिन वो या तो बहुत कठिन भाषा में है या फिर काम का नहीं है।
खासकर हमारे राजस्थान के छोटे गाँवों और शहरों के छात्रों को, जो 8वीं से लेकर कॉलेज तक की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सरल और सटीक नोट्स नहीं मिल पाते।


Bexyhub क्यों बनाई?


मैंने यह साइट इसलिए बनाई ताकि मैं अपना नर्सिंग का अनुभव और एजुकेशन का ज्ञान आप सबके साथ साझा कर सकूँ। यहाँ आपको:
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और सबसे जरूरी, यहाँ सब कुछ “इंसानी भाषा” में होगा, किताबी भाषा में नहीं।
मैं खुद दिन-रात एक करके आपके लिए ये 1500-1500 शब्दों के नोट्स तैयार कर रहा हूँ ताकि आपको कहीं और भटकना न पड़े। मैं चाहता हूँ कि Bexyhub सिर्फ एक वेबसाइट न रहे, बल्कि हम छात्रों का एक ऐसा परिवार बने जहाँ हम साथ मिलकर आगे बढ़ें।


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मैं अलवर, राजस्थान का रहने वाला हूँ। अगर आपको मेरी मेहनत पसंद आए या आपको पढ़ाई में कोई मदद चाहिए, तो आप बेझिझक मुझसे संपर्क कर सकते हैं। आपकी सफलता ही मेरी असली कमाई है।
आपका दोस्त,
दीपक कुमार (MSc Nursing)


महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer):
यह पोस्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए साझा की गई है। यहाँ दी गई जानकारी मेरे नर्सिंग अनुभव और अध्ययन पर आधारित है। यदि आपको किसी जानकारी पर संदेह है या कोई शिकायत है, तो कृपया कमेंट बॉक्स में बताएं या हमसे संपर्क करें। किसी भी चिकित्सीय निर्णय के लिए पेशेवर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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